सच्चा भक्त वह है, जो हर परिस्थिति में प्रभु की दया की अनुभूति करता है.................

Started by HARIVANSH NARAIN SRIVASTAVA on Tuesday, June 21, 2011

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6/21/2011 at 1:15 AM

ज्ञानी भक्त वही है


ज्ञानी भक्त वही है, जो हर परिस्थितियों में प्रसन्न रहे। अनुकूल परिस्थिति में प्रसन्न होना तथा प्रतिकूल परिस्थिति में रोना यह स्वाभाव तो अज्ञानी विषयी प्राणियों का है। जो सच्चे भक्त तथा ज्ञानी हैं, वे हर परिस्थिति में प्रारब्ध का फल समझकर समभाव में रहते हैं। सच्चा भक्त वह है, जो हर परिस्थिति में प्रभु की दया की अनुभूति करता है। मन के अनुकूल परिस्थिति बनाने का प्रयत्न प्रभु भक्ति नहीं है, परन्तु जो परिस्थिति के अनुसार मन को बना ले, वही प्रभु भक्त है। भक्त वह जो भक्ति करे, किन्तु भगवान पर किसी प्रकार का भार (अहसान) न डाले। भक्ति तो अपने कल्याण के लिये की जाती है, न कि भगवान के लिये अथवा लोगों को दिखाने के लिये। जो दुख-सुख में, मान-अपमान में, हार-जीत अथवा हानि-लाभ में, परिस्थितियां अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल हों, जो सदा मुस्कुराता रहे, वही ज्ञानी है, वही प्रभु भक्त है।

6/21/2011 at 1:16 AM

ITS REALY TRUEEEEEEEEEEEEEEEEEE

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